Eid Mubarak in advance....
aaj fir charkhe-e-sitam girkar syaah chadar per !
maahe ramazan ka chand gareebon ko rulane nikla!!
Thi Farishton Ko Bhi Hairat,
Ke Yeh Awaz Hai Kya !
Arsh Walon Pe Bhi Khulta
Nahin Yeh Raaz
Jo Tareef Husn ki ho J Deedar ho Kisi Ka,
Tabhi Husn-O-Rang Shabab Pe Hota h!
Wo Jo Aankho Se Peete hain Wohi Behekte Hain,
Warna Kaha Itna Nasha Sharab Se Hota h!!
यूँ तो ख़ुदा से माँगने जन्नत
गया था मैं........
करबला को देखकर
नीयत बदल गई..।
जन्नत तेरे वजूद को तरसेगी खुद ब खुद,
आ तू मेरे हुसैन का महबूब बन के देख ।
तुझको भी हो जायेगा अह्सासे करबला,
तनहा किसी अज़ीज़ की मय्यत उठा के देख।।
तशना लबों की भीड़ है नेहरे फुरात पर,
प्यासी है काएनात समुन्दर "हुसैन है"
करबला की जंग का अंजाम देखिये-*
बे घर यज़ीद हो गया
* और * घर घर "हुसैन है।।।।,.
"मीट गये आले मोहंमद को मीटाने वाले"
और
"अब भी जिंदा है मोहंमद के घराने वाले"
मित्रों आप के खिदमत नात पाक पेश है।
जिकरे हुसैन से मुझे राहत नसीब है, ज़ूलमत में सब्र करनेका नुस्खा अजीब है।
उन्हीं का बोलबाला तो होगा जहाँ में, ये दिन तो जारहा है वह दिन क़रीब है ।
आफत हो या बला हो जुल्मो शितम भी हो ,जिकरे हुसैन सब्र का तनहा तबिब है।
यादे हुसैन मोमीनों दिल से सदा करो, लानत उसे मिलेगी जो इनका रक़िब है ।
इशक़े हुसैन में जो अहमद के साथ है, बिल इत्तेफाक़ राए नबी का हबीब है ।